नेपाल के भीषण जल सैलाब ने रसड़ा के परिवार की छीनी खुशियां, मां-बेटा लापता

रसड़ा (बलिया)। नेपाल में आए भीषण जल सैलाब ने बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रसड़ा नगर स्थित पुरानी मस्जिद के पास रहने वाले एक परिवार की 54 वर्षीय महिला और उनका 18 वर्षीय बेटा सैलाब की चपेट में आकर बह गए। घटना के बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार के लोग लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं और उनके सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जानकारी के अनुसार, रसड़ा निवासी 68 वर्षीय पन्नालाल चौरसिया की पत्नी जगदरा उर्फ उषा देवी (54) और पुत्र राहुल (18) नेपाल में आए अचानक भीषण सैलाब की चपेट में आकर बह गए। घटना की सूचना मिलते ही रसड़ा स्थित परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बेटे के एक साथ लापता होने से पन्नालाल चौरसिया गहरे सदमे में हैं।
परिजनों के अनुसार, पन्नालाल चौरसिया करीब 40 वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में नेपाल चले गए थे। उनके दामाद समीर ने बताया कि पन्नालाल नेपाल के त्रिशूली-नुवाकोट क्षेत्र में जाकर बस गए थे। वहां उन्होंने थोक एवं फुटकर कपड़े का कारोबार शुरू किया, जो समय के साथ अच्छी तरह चलने लगा। इसके बाद उनका पूरा परिवार भी नेपाल में ही उनके साथ रहने लगा।
वर्षों से नेपाल में रह रहे पन्नालाल चौरसिया और उनका परिवार वहीं की जिंदगी में रच-बस गया था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि प्रकृति का यह कहर परिवार की खुशियों को इस तरह उजाड़ देगा और एक ही झटके में परिवार के दो सदस्य सैलाब की भेंट चढ़ जाएंगे।
पन्नालाल चौरसिया की दो बेटियां हैं। उनकी 24 वर्षीय बेटी शिवानी चौरसिया का विवाह हो चुका है और वह वाराणसी में रहती हैं। वहीं दूसरी बेटी दीक्षा चौरसिया (28) रसड़ा में कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हैं। उनका विवाह समीर से हुआ है। मां और छोटे भाई के सैलाब में बहने की सूचना मिलने के बाद दोनों बेटियों समेत पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
घटना के बाद से परिजन नेपाल में स्थानीय स्तर पर पत्नी और बेटे की तलाश में जुटे हुए हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। परिवार के लोग अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद में उनके सकुशल वापस मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
