खुलेआम सड़क पर बिक रहा मांस, संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बरकरार।
बिल्थरारोड /तहसील क्षेत्र अंतर्गत कुण्डैल ढाला पर सुबह शाम खुले में मीट , मछली काटने एव बेचे जाने से लोगो का रहना दुर्भर हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार सुबह 6 बजे से ही मीट , मुर्गे के व्यापारी सड़क किनारे अपनी दुकान सजा कर बैठ जाते है। इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीण एव स्कूली बच्चे जब सड़क किनारे कटे एव टंगे हुए माँस के लोथड़ों को देखते है तो इस वीभत्स स्थिति को देखकर वे विचलित होते है। इसके साथ ही व्यापारियों के द्वारा जानवरों के बचे अवशेषो को किनारे गड्ढे में फेंके जाने के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना रहता है। जब लोग इन दुकानों के आस पास से गुजरते है तो उनको घुटन होती है। नाक को रुमाल या गमछे से बंद करने के बाद ही किसी तरह से बचकर वे निकल पाते है। सूबे की सरकार के इस सबंध में कड़े निर्देश एव प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मीट व्यापारियों की पौ बारह है।

ये है नियम :-
नियमतः सड़क से दुकान के अंदर की गतिविधियां दिखाई नही देनी चाहिए। मांस के टुकडे खुले में ना फेके जाए। साथ ही मांस के टुकड़े कपड़े आदि से ढके होने चाहिए। औजारों को विसंक्रमित करने के बाद ही जानवरो को काटा जाना चाहिए।
मीट बिक्री के योगी सरकार ने कितने ही कड़े नियम क्यो ना बना दिये हो लेकिन उनका खुला उलंघन बलिया जिले के बेल्थरा रोड कस्बे में देखने को आसानी से मिल जाएगा। सड़क के किनारे फेंके गए अवशेष के सड़ने से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। फिर भी जिम्मेदार मौन धारण किये हुए है।
