बिल्थरा रोड: नाबालिग चालकों के हाथों में ई-रिक्शा, आए दिन हो रहे हादसे



बिल्थरा रोड (बलिया): नगर पंचायत क्षेत्र में ई-रिक्शा की बेतरतीब व्यवस्था आमजन के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। बिना रजिस्ट्रेशन, बिना परमिट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर दौड़ते ये ई-रिक्शा अब खतरे का पर्याय बन चुके हैं। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब इन वाहनों को नाबालिग बच्चे चलाते नजर आते हैं।
आए दिन हो रहे हैं हादसे
बीते दिनों एक ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक नाबालिग ई-रिक्शा चालक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क पर मारपीट की नौबत आ गई। यह कोई पहला मामला नहीं है – नगर में ऐसे हादसे रोज़मर्रा की बात हो गई है।
नियमों की उड़ रही धज्जियां
नगर पंचायत की अनदेखी और ट्रैफिक पुलिस की ढिलाई के चलते ई-रिक्शा बिना किसी वैध कागजात के खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। न रजिस्ट्रेशन, न बीमा, न चालक का लाइसेंस – सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
‘पेट की मजबूरी’ बन रही बहाना
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के चलते कई परिवार अपने बच्चों को ई-रिक्शा चलाने को मजबूर कर रहे हैं। हालांकि सवाल यह भी उठता है कि क्या पेट की भूख के लिए मासूमों की जान और जनता की सुरक्षा दांव पर लगाई जा सकती है?
प्रशासन की जिम्मेदारी तय हो
जरूरत इस बात की है कि नगर पंचायत और ट्रैफिक पुलिस तत्काल प्रभाव से इस पर कार्रवाई करें। नियमों का पालन कराना और सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।
