पिपरौली बड़ागांव के चकबन्दी लेखपाल अजय यादव और एसीओ द्वारा खेत इधर उधर करने पर काश्तकारों ने जमकर किया हंगामा और पीड़ित महिलाएं रोती दिखी

बिल्थरारोड। तहसील का चकबन्दी विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। पिपरौली बड़ागांव में काश्तकारों का खेत इधर उधर करके सम्बंधित एसीओ और लेखपाल द्वारा जमकर धन उगाही करने पर पीड़ित काश्तकारों महिला व पुरुषों ने सोमवार को सम्बंधित लेखपाल अजय यादव और एसीओ के खिलाफ नारेबाजी किया। तहसील के पिपरौली बड़ागांव गांव के ग्रामीणों ने चकबंदी लेखपाल अजय यादव और एसीओ द्वारा बड़े काश्तकारों का खेत नजदीक करने व गरीब व छोटे काश्तकारों का खेत दूर ताल में इधर उधर करने पर सैकड़ो की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने गांव पर चक का पत्थर नसब करने पहुचे लेखपाल व अन्य विभागीय अधिकारियों के बीच जमकर हंगामा किया और पीड़ित महिलाए रोती दिखी। उनका कहना है कि लेखपाल मनोज यादव और एसीओ दूसरे धनी काश्तकारों से रुपये लेकर हम लोग का खेत पर उनका चक काट दिए है। और खेत को चकाउट बना दिया गया है। हम लोग का खेत का नम्बर ताल में कर दिए है। जिसे हम लोग 50 वर्ष से बोते आये है। कहना है कि चकबन्दी में बिना सहमति के कहते इधर उधर नही किया जा सकता है। और ये लेखपाल और अधिकारी नियम की जमकर धज्जियाँ उड़ाए है। चकाबंदी सीओ से बार बार शिकायत करने के बाद भी नजरंदाज कर दिया जा रहा है। बार बार मिल रही काश्तकारों की शिकायत के बाद भी सम्बंधित आला अधिकारी भी मौन साधे हुए है। जिससे प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। जिलाधिकारी व अन्य सम्बंधित अधिकारियों द्वारा ऐसे चकबन्दी अधिकारी और कर्मचारियों पर कोई करवाई नही होने से अपनी फरियाद को लेकर दर दर भटकना पड़ रहा है।
