बंदर बना ‘गांव का गुंडा’, 20 दिनों से तेलमा जमालुद्दीनपुर में दहशत




बिल्थरारोड (बलिया)। उभांव थाना क्षेत्र के तेलमा जमालुद्दीनपुर गांव में इन दिनों एक उत्पाती बंदर ने ग्रामीणों की नाक में दम कर रखा है। हालत यह है कि भीषण गर्मी और उमस के बावजूद लोग अपने घरों की छतों पर जाने से कतरा रहे हैं। पिछले करीब 20 दिनों से बंदर के आतंक ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार बंदर अब तक करीब एक दर्जन लोगों पर हमला कर चुका है। हाल ही में उसके हमले में 60 वर्षीय सुभावती देवी और 76 वर्षीय कमलावती देवी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। लगातार हो रहे हमलों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
बंदर के डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह-शाम ग्रामीण टीन पीटकर और शोर मचाकर उसे भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसकी शरारतें और आक्रामकता कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोग छतों पर सोना तो दूर, वहां आने-जाने से भी बच रहे हैं।
गांव निवासी धर्मनाथ गुप्ता ने बताया कि उमस भरी गर्मी में भी लोग घरों के अंदर कैद रहने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा डर है। बंदर के अचानक हमले की आशंका से लोग घर से बाहर निकलने में भी हिचक रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए बंदर को पकड़वाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल पूरा गांव बंदर के आतंक से राहत मिलने का इंतजार कर रहा है।
