बच्चों के झुलसने के मामले में जल निगम की लापरवाही आयी सामने, बिजली विभाग के जेई ने सम्बन्धित कर्मचारी के खिलाफ उभांव थाने दी तहरीर !
बिल्थरारोड। नगर के वार्ड नम्बर 9 चक इमिलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय के बाहर बीते शनिवार को करंट लगने से दो बच्चों के झुलसने का कारण विभागीय जांच में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की लापरवाही सामने आई है। जिसको लेकर बिजली विभाग के जेई रामबिलास खरवार द्वारा जलनिगम के सम्बन्धित कर्मचारी के खिलाफ तहरीर उभांव थाने में दी गयी है। बताया गया कि जल निगम की टीम ने बिना विद्युत विभाग को सूचना दिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया था।खुदाई के दौरान बिजली के खंभे की लाइन काटकर नीचे रख दी गई थी। इस दौरान तार में विद्युत प्रवाह चालू रहने के कारण यह हादसा हुआ।नगर के चक इमिलिया प्राथमिक विद्यालय के बाहर शनिवार को करंट लगने से दो झुलसे बच्चों में कक्षा चार के छात्र दीपांशु राजभर और उसका साथी विवेक शामिल हैं। ग्रामीणों की तत्परता से दोनों बच्चों को तुरंत सीएचसी सीयर पहुंचाया गया। फिलहाल दोनों बच्चे सुरक्षित हैं। विवेक के सोमवार शाम तक मऊ से घर लौटने की संभावना है।इस मामले में विद्युत विभाग के अवर अभियंता रामविलास खरवार ने थाना उभांव में तहरीर दी है। उन्होंने जल निगम (नगरीय) के संबंधित कर्मियों और ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।परिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो दीपांशु राजभर तीन बहनों में सबसे छोटा और परिवार का इकलौता बेटा है। इसी वर्ष 3 जनवरी को उसकी मां सोनारी देवी का निधन हो गया था। तब से उसकी बड़ी बहन पुष्पा अपने पति सरवन राजभर के साथ मायके में रहकर छोटे भाई-बहनों की देखभाल कर रही हैं। दीपांशु के पिता देवेंद्र राजभर दिल्ली में ठेला लगाकर गुजर-बसर करते हैं। उनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना घर तीन ओर से नालियों के पानी से घिरा हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल निगम ने कार्य शुरू करने से पहले विद्युत विभाग को सूचित किया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


