आजादी के 75 वर्ष बाद भी देश को आजाद कराने में शहीद खर बियार का परिवार आवास से बंचित है

बिल्थरारोड। एक तरफ केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को घर देने की कवायद कर रही है वहीं दूसरी तरफ देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले चरौवा गांव के शहीद खर बियार के पौत्र को ही इस योजना से वंचित कर दिया गया है। गंवई राजनीति के चलते वह आज भी आवास के लिए भटकने को मजबूर हैं। ज्ञात हो कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले क्षेत्र के चरौंवा गांव के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रत्येक 25 अगस्त को शहीद स्तंभ पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।इन अमर शहीदों में शामिल देश के लाल खर बियार के पौत्र दिनेश बियार आज भी आवास के लिए भटक रहे हैं। और खुले आसमान में जिंदगी जी रहे है। दिनेश बियार का कहना है कि हमारे बाबा ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी किन्तु आज तक हम सरकारी सुविधाओं से बंचित हैं। कहा कि जब मेरे दोनों बच्चे पुत्री अनु (19 वर्ष) व पुत्र अरविंद (17 वर्ष) काफी छोटे थे तभी मेरी पत्नी का निधन हो गया। बताया कि अपनी टूटी फूटी मड़ई में ही रह कर मैंने मजदूरी कर उनका पालन पोषण कर रहा हूँ। कहा कि मोदी सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना की जब शुरुआत हुई तो लगा कि मुझे भी आवास योजना का लाभ मिलेगा परन्तु आज भी एक छत के लिए भटकना पड़ रहा है। इस सम्बन्ध में गांव के वर्तमान प्रधान देवेन्द्र यादव ने बताया कि सन् 2020 में आवास के लिए 722 लोगों की लिस्ट बनाई गई थी। जिसमें इनका नाम भी शामिल था, परन्तु गंवई राजनीति के चलते अंत में आवास के लिए जारी 169 लोगों लिस्ट से इनका नाम पात्र सूची से काट कर दिया गया।आश्चर्य जताया कि जहां सरकार देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ अमृत महोत्सव के रूप में मना रही है वहीं एक शहीद के परिवार को एक घर के लिए भटकना पड़ रहा है।
