बिल्थरारोड तहसील में डीएम का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त रुख पारदर्शिता, समयबद्धता और व्यवस्था सुधार के दिए कड़े निर्देश!
बिल्थरारोड (बलिया)। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को बिल्थरारोड तहसील का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने खतौनी नकल, फार्म रजिस्ट्र्री तथा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 281 खतौनी जारी की जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्राप्त धनराशि का प्रतिदिन अद्यतन किया जाए तथा किसी भी दशा में निर्धारित 15 रुपये से अधिक शुल्क न लिया जाए।
लेखपालों के साथ बैठक में उन्होंने फार्म रजिस्ट्र्री की समीक्षा की। कई ब्लॉकों में लंबित कार्य पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए 15 मार्च तक सभी लंबित मामलों के निस्तारण का आदेश दिया। वरासत प्रकरणों में अनावश्यक विलंब पर चेतावनी भी दी गई।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय की आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने प्रकाश व्यवस्था सुधारने, खराब लैपटॉप को कंडम घोषित करने तथा आवश्यक फर्नीचर के लिए डिमांड लेटर भेजने के निर्देश दिए। बंद पड़े नए शौचालय को चालू कराने, पुराने जनरेटर की नीलामी कराने और निलंबन कार्यालय को परिसर से बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए।
कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्देश दिया। लापरवाही पाए जाने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
तहसीलदार कक्ष में धारा 34 की 67 पुरानी फाइलें लंबित मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और पांच वर्ष से अधिक पुरानी फाइलों के शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया। अभिलेखागार में अव्यवस्थित फाइलों पर भी फटकार लगाई गई तथा संबंधित कर्मियों को चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। धारा 145 एवं 133 के फौजदारी मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम शरद चौधरी, तहसीलदार अजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




