बलिया के लेखक ने बॉलीवुड में रखा कदम, पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘शेरदिल’ में लिखा संवाद

बलिया। कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों… इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाए है बलिया के लाल अतुल कुमार राय ने। जिन्होंने बतौर संवाद लेखक रिलायंस एंटरटेनमेंट और टी सीरीज से पहली फ़िल्म ‘शेरदिल’ से शुरुआत कर दी है। बलिया के भुइली गांव छाता के रहने वाले अतुल राय पंकज त्रिपाठी की फ़िल्म शेरदिल: द पीलीभीत सागा’ में बतौर संवाद लेखक के तौर पर नजर आएंगे।

अतुल राय इस फिल्म की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखते हैं “एक आदमी शेर को मारने गया है,एक आदमी उसी शेर से मरने गया है और देखते ही देखते दोनों जंगल में एक दूसरे से टकरा बैठे हैं. क्या है वजह, क्या है कहानी,शेर को कौन मारेगा, शेर से कौन मरेगा। बस चंद दिनों के बाद खुलासा होने जा रहा है। इस खुलासे में केवल आदमी और जानवर का सनातन द्वंद्व नहीं है। इसमें जंगल की सरसराहट और जानवरों की डरावनी आवाजें नहीं हैं, बल्कि देश के कुछ उपेक्षित लोगों की दर्द भरी वो चीखें भी हैं..जो न ही अखबारों के किसी कोने में जगह बना पाती हैं,न ही किसी कविता,कहानी और फिल्म का हिस्सा बन पाती हैं”।

बता दें पंकज त्रिपाठी की नई फिल्म ‘शेरदिल: द पीलीभीत सागा’ की तस्वीरें सामने आ चुकी है। इस फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे गांवों में होने वाली दुखद घटनाओं की वास्तविक घटना से प्रेरित है कि एक शख्स कैसे अपने परिवार को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दे देता है। श्रीजीत मुखर्जी की यह फिल्म वीरता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मनुष्य और प्रकृति के संघर्ष पर केंद्रित है। जो 24 जून को रिलीज होने वाली है।

साभार बलिया खबर

नीलेश दीपु

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