चैत्र रामनवमी में लगने वाला ऐतिहासिक मेला सोनाडीह की तैयारी जोरों शोरों पर आने लगा चर्खी, मौत का कुँवा, जादू आदि !



बिल्थरारोड के सोनाडीह स्थित ऐतिहासिक भागेश्वरी परमेश्वरी मंदिर परिसर में चैत्र रामनवमी से लगने वाले मेले की तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गई हैं। रामनवमी से शुरू होकर एक पखवारे तक चलने वाले मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए मेला प्रबंधन पूरी शिद्दत से जुट गया है। मेले में मनोरंजन के लिए मौत का कुआं, चरखी, झूला आदि लगाने का कार्य जारी है। यद्यपि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 844.68 लाख की लागत से बेल्थरारोड सोनाडीह सड़क बनाने के प्रस्ताव पास हो चुका है फिर भी इस बार भी मेलार्थियों के लिए सड़क कंटकों भरी साबित होगी।
बिल्थरारोड के ऐतिहासिक सोनाडीह मेला की तैयारी शुरू हो गई है। मेला प्रबंधक अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार मेलार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मेले की रौनक बढ़ाने के लिए विभिन्न वस्तुओं की दुकानों के आने का क्रम शुरू हो गया है। मेले में पूर्व की भांति इस बार भी मऊ, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार के छपरा, सिवान आदि स्थानों से आने वाली हजारों दुकाने सजाई जाएंगी। पिछले तीन दिनों से मौसम के उतार चढ़ाव से मेला की तैयारी पर असर अवश्य पड़ा है फिर भी मौत का कुआं, मैजिक शो, म्यूजियम, ब्रेक डांस, झूला, चरखी, ड्रैगन रेन आदि की स्थापित करने का कार्य तेजी से जारी है। मौत का कुआं, झूला आदि के संचालक वाराणसी निवासी मंजूर अहमद ने बताया कि उनका इस मेले से जुड़ाव बचपन से ही है। कहा कि पिछले 50 वर्षों के दौरान जहां मेरे पिता अब्दुल गफ्फार मेला में मनोरंजन के साधन लगवाने का कार्य करते थे, वहीं अब 20 वर्षों मै खुद यहां मनोरंजन के प्रबंधन का कार्य कर रहा हूं। उन्होंने बिल्थरारोड सोनाडीह सड़क को लेकर कहा कि सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि माता रानी की कृपा से भविष्य में सड़क की स्थिति ठीक हो जाएगी।
मेले को लेकर मंदिर की साफ-सफाई और सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। मान्यता है कि सच्चे मन से मंदिर में पूजन अर्चन करने और देवी की आराधना से मनोवांछित फल प्राप्त होता है। प्रबंधक सिंह ने बताया कि मेले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। उभांव एसएचओ राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि मेले में सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक माह तक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
