UPI पर 0.4 प्रतिशत MDR के प्रस्ताव से बेल्थरा रोड के व्यापारियों में नाराजगी





15 अक्टूबर से लागू होने वाले शुल्क को वापस लेने की मांग, व्यापारियों ने कहा—छोटे दुकानदारों पर बढ़ेगा बोझ
रिपोर्टर—गौरव सर्राफ
बेल्थरा रोड। UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR (Merchant Discount Rate) लागू किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर बेल्थरा रोड के व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए शुल्क को वापस लेने की मांग की है।
व्यापारियों के अनुसार, NPCI के प्रावधान के मुताबिक 2,000 रुपये से अधिक के UPI Person-to-Merchant लेनदेन पर 15 अक्टूबर 2026 से 0.4 प्रतिशत MDR वसूले जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि इसका भुगतान ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा, बल्कि मर्चेंट पक्ष पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
बेल्थरा रोड स्वर्णकार समाज के संगठन मंत्री गौरव सर्राफ ने कहा कि बाजार में पहले से ही मंदी का असर है। ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव के बीच छोटे और स्थानीय दुकानदारों के लिए UPI भुगतान एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि उनकी सर्राफा दुकान पर करीब 70 प्रतिशत ग्राहक UPI से भुगतान करते हैं और सोने-चांदी के अधिकांश बिल 2,000 रुपये से अधिक के होते हैं। ऐसे में MDR का अतिरिक्त खर्च व्यापारियों पर असर डाल सकता है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री धर्मेंद्र सोनी ने कहा कि व्यापार मंडल UPI पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR का विरोध करता है। उनके अनुसार, UPI गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग समेत आम लोगों के लिए सुविधाजनक भुगतान माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि शुल्क व्यापारी को देना है तो बड़े लेनदेन वाले छोटे दुकानदारों पर इसका सीधा आर्थिक असर पड़ेगा। व्यापार मंडल ने UPI को पहले की तरह निःशुल्क रखने की मांग की है।
एडवोकेट जीतेश सोनी ने कहा कि UPI आम लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उनके अनुसार, शुल्क की व्यवस्था से डिजिटल भुगतान को लेकर व्यापारियों और ग्राहकों के बीच असमंजस पैदा हो सकता है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की।
किराना व्यवसायी शिवम बरनवाल ने कहा कि उनकी दुकान पर छोटी खरीदारी से लेकर महीने भर के राशन तक का भुगतान UPI से होता है। UPI से ग्राहकों और दुकानदार दोनों को हिसाब-किताब में सुविधा मिलती है। उनका कहना है कि बड़े भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का असर ग्राहकों के व्यवहार पर भी पड़ सकता है और नकद भुगतान को बढ़ावा मिल सकता है।
वहीं कॉस्मेटिक व्यवसायी आदित्य वर्मा उर्फ किशन वर्मा ने कहा कि बेल्थरा रोड जैसे छोटे कस्बों में UPI ने व्यापार को काफी आसान बनाया है। छुट्टे पैसों की समस्या से लेकर भुगतान के हिसाब-किताब तक में डिजिटल भुगतान से सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि व्यापारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं और सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की अपील कर रहे हैं।
व्यापारियों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR व्यवस्था को वापस लेने अथवा इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
