22 साल तक देश की सेवा करने वाले हवलदार अरविंद कुमार का निधन, गांव में पसरा मातम; तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बलिया। जनपद बलिया के नगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुर्की दौलतपुर गांव निवासी अरविंद कुमार (40) पुत्र उदयभान राम का राजस्थान के सूरतगढ़ में असामयिक निधन हो जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के अनुसार, अरविंद कुमार भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे। करीब 22 वर्ष पूर्व वह सेना में भर्ती हुए थे और पूरी निष्ठा व ईमानदारी से देश की सेवा कर रहे थे। लगभग पांच दिन पहले उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर होती गई और अंततः उनका असामयिक निधन हो गया।
फोन पर हुई बातचीत में उनके छोटे भाई, जो स्वयं भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं, ने बताया कि बीमारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
अरविंद कुमार अपने पीछे पत्नी, तीन मासूम बच्चों, माता-पिता सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। घर पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लग गया। हर किसी की आंखें नम थीं और परिवार की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मासूम बच्चों को शायद अभी यह भी पूरी तरह समझ नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
परिजनों ने बताया कि सेना की एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया जा रहा है। अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में जुटने लगे हैं। पूरे गांव में शोक और गर्व का मिला-जुला माहौल है, जहां एक ओर देश के वीर सपूत को खोने का दुख है तो वहीं उनकी वर्षों की देश सेवा पर लोगों को गर्व भी है।
