सिकंदरपुर चेयरमैन पद पर होगी पुनर्मतगणना, साढ़े चार साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

सिंकदरपुर के चेयरमैन पद की दोबारा मतगणना की जाए, यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीन हुसैन अहमद अंसारी ने जिला निर्वाचल अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने अधिकारी को 15 दिनों के भीतर पुनर्मतगणना करा कर सफल प्रत्याशी की घोषणा करते हुए इसकी आख्या अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।मामला लगभग साढ़े चार साल पुराना है। जहां नगर पंचायत चेयरमैन का चुनाव 26 नंवबप 2017 को हुआ था और मतगणना 1 दिसंबर को हुई थी। इसमें भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर रविंद्र प्रसाद वर्मा विजयी घोषित किए गए थे, दूसरे स्थान पर सपा के उम्मीदवार भीष्म यादव सिर्फ 10 मतों से हारे थे। उस समय भीष्म यादव की तरफ से दोबारा मतगणना की मांग की गई थी। लेकिन आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था।जिसके बाद भीष्य यादव ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने मतगणना में धांधली का आरोप लगाकर याचिका दायल किया। उन्होंने अदालत में कारण स्पष्ट किये बगैर 533 मतों को अवैध घोषित करने और 115 मतों को मतगणना में शामिल न किए जाने के आरोप लगाए थे। अदालत में मामले की सुनवाई हुई जिसमें साक्ष्यों को सही पाया गया। इसके बाद कोर्ट ने दोबारा मतगणना के आदेश दिया है।कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बिना किसी पुख्ता वजह के कुल 648 मतों की हेराफेरी मतगणना की शुचिता पर सवाल खड़े करता है। स्पष्टतः यह निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतगणना के उद्देश्य को पूर्णत: विफल कर रहा है। जो याची को पुनर्मतगणना का हकदार बनाता है। वहीं इस पुनर्मतगणना में किसकी जीत होगी, यह आने वाले समय में पता चलेगा। वहीं इस फैसले को लेकर सपा प्रत्याशी ने संतोष जाहिर किया है।
साभार बलिया खबर
