राजभर को अनुसूचित जाति में शामिल कराने का वादा !
राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर



अखिल भारतीय राजभर संगठन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर ने कहा है कि वह समाज के उत्थान के लिए सदैव संघर्षरत रहेंगे। कहा कि राजभर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए जहां उन्होंने राज्यसभा में आवाज उठाई है वहीं उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा उनका प्रस्ताव मुख्य सचिव तक भेजा जा चुका है। इसके पूर्व शुक्रवार को दिल्ली से चलकर लिच्छवी एक्सप्रेस से बेल्थरारोड रेलवे स्टेशन पहुंचने पर श्री राजभर का समाज के लोगों द्वारा गाजे बाजे के साथ स्वागत किया गया।
उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी राजभर समाज का जितना विकास होना था उधना नहीं हो सका आज भी वह शैक्षिक आर्थिक व सामाजिक विकास से कोसों दूर है कहा कि पूर्वांचल के 25 जिलो में इस जाति की बहुल आता है परंतु जहां तक विकास की बात है तो वह अन्य जातियों से काफी पीछे है बताया कि राज्यसभा में उन्होंने राजभर जाती को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग की गई है। जानकारी दी कि प्रयागराज उच्च न्यायालय ने सरकार से इस सम्बन्ध में प्रभावी कदम उठाने को कहा है। जानकारी दी कि इसके लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव को भेज दिया गया है। इसके पूर्व अखिल भारतीय राजभर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद बेल्थरारोड पहुंचने पर राज्यसभा सांसद का स्वागत किया गया। इस दौरान वह एक खुली जीप से नगर का चक्रमण करते हुए स्वतंत्रता सेनानी शहीद अतवार राजभर की प्रतिमा के पास पहुंच उनका माल्यार्पण किया। जहां समाज के लोगों ने एक सभा कर उनका सम्मान किया। उनका स्वागत करने वालों में अखिल भारतीय राजभर संगठन के राष्ट्रीय सचिव अरुण राजभर, रामस्वरूप राजभर, नरसिंह राजभर, रामपति राजभर, पूर्व प्रधान दिनेश राजभर, पूर्व प्रधान गणेश राजभर, विशाल राजभर, जेपी राजभर, मिथिलेश राजभर, अजय राजभर, बबलू राजभर, उमेश राजभर, कैलाश ठाकुर, रामाधार राजभर दिलीप राजभर अरुण राजभर, शैलेंद्र राजभर, आत्मा राजभर, नथुनी चौहान, रामानंद प्रधान, प्रभा शंकर प्रधान, सुधीर राजभर, प्रधान वीरेंद्र राजभर, पूर्व प्रधान अवध बिहारी यादव आदि प्रमुख रहे।
नीलेश दीपु
