शिक्षा क्षेत्र नगरा के एक विद्यालय के शिक्षक द्वारा बाइक पर हाथ रखने पर छात्र की पिटाई के मामले में शिक्षक पर मुकदमा दर्ज करने व निलंबन की हुई संस्तुति

बिल्थरारोड। शिक्षा क्षेत्र नगरा के रनऊपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के एक शिक्षक द्वारा छात्र को बाईक पर हाथ रखने लिए पीटने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। छात्र के परिजनों के साथ गांव के सैकड़ों पुरूष महिलाएं शनिवार की सुबह बच्चे को लेकर विद्यालय की गेट में तालाबंदी कर गेट पर धरना देना शुरु कर दिया । जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की जांच करने पहुंचे खण्ड शिक्षा अधिकारी नगरा ने शिक्षक को दोषी पाये जाने पर निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। उसके बाद भी गांव वाले उपजिलाधिकारी के आने का इंतजार कर रहे हैं। उधर छात्र की मां के दिये तहरीर पर पुलिस मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि आरोपी शिक्षक को अपने स्कूल के बच्चे द्वारा बाइक पर हाथ रखना इतना नागवार गुजरा था कि बच्चे को पीटने के बाद कमरे में बन्द कर दिया था। जिसके बाद मामला थाने तक पहुंच गया था। नगरा थाना क्षेत्र के भीमपुरा न0 2 के कौवापार निवासी विवेक कुमार 11 वर्ष पुत्र अरविन्द कुमार पूर्व माध्यमिक विद्यालय रनऊपुर में कक्षा 6 का छात्र है। विवेक की माने तो शुक्रवार को स्कूल में लंच होने के दौरान वह स्कूल के ही एक शिक्षक की बाइक पर हाथ रखकर खड़ा था। उसी दौरान वह शिक्षक आये और उसे पीटते हुए एक कमरे में लेकर चले गए और लोहे के रॉड और डंडे से पीटने लगे। उसके बाद एक कमरे में बंद कर दिये। इस दौरान उसके शरीर पर मलहम लगाकर उसे छुट्टी होने तक बंद रखा गया। जब सभी बच्चे घर चले गए तो उसे छोड़ा गया।इस संबंध में विवेक की माँ कोशिला ने स्थानीय पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाई की मांग की है।देर शाम तक बच्चे के साथ परिजन थाने पर जमे थे ।शनिवार की सुबह गांव के पुरुष महिलाएं विद्यालय की गेट पर तालाबंदी कर दी। उसके बाद आरोपी शिक्षक के ऊपर कार्यवाई होने के लिए धरने पर बैठ गए। जिज़के चलते कोई भी शिक्षक स्कूल में प्रवेश न कर सका। मामले को गंभीरता से लेते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी नगरा मौके पर पहुँचकर मामले की जांच की। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर शिक्षक के ऊपर कार्यवाई का भरोसा दिलाते कार्यवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद विभागीय कार्यवाई के लिए निलंबन की संस्तुति करते हुए उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। उसके बाद भी गांव वाले गर्त का ताला नहीं खोला। गांव वाले उपजिलाधिकारी के आने का इंतजार कर रहे है उनका कहना
