तुर्तीपार-भागलपुर पुल पर भीषण हादसा रेडियम न होने से लोहे के पिलर से टकराई कार, एयरबैग खुलने से 7 लोगों की बची जान !

बलिया। जनपद के तुर्तीपार-भागलपुर पुल पर रविवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। देवरिया जनपद के बरहज से शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे एक परिवार की बलेनो कार पुल पर लगे लोहे के डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन एयरबैग खुल जाने से कार में सवार तीन बच्चों सहित सात लोगों की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, गड़वार निवासी विवेक गुप्ता अपने परिवार के साथ देवरिया के बरहज से बलिया के बांसडीह लौट रहे थे। कार में तीन बच्चे, दो महिलाएं और दो पुरुष सवार थे। रात करीब तीन बजे जब वे सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल को पार कर आगे बढ़े, तभी लगभग 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही कार सड़क के बीचों-बीच लगाए गए लोहे के पिलर से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार घूमकर क्षतिग्रस्त हो गई। चालक विवेक गुप्ता ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत हैंडब्रेक लगा दिया, जिससे कार पुल के किनारे खाई की ओर जाने से बच गई। हादसे के बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सुरक्षित बताया गया।
पुल पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, जर्जर हो चुके इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लोहे के गाटर और पिलर लगाए गए हैं, लेकिन इन पर न तो रेडियम पट्टी लगाई गई है और न ही रिफ्लेक्टर। रात के अंधेरे में ये पिलर दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कार सवार विकास गुप्ता ने बताया कि अंधेरे के कारण डिवाइडर दिखाई नहीं दिया, जिसके चलते हादसा हुआ। उनका कहना है कि यदि पिलर पर रेडियम या रिफ्लेक्टर लगा होता तो दुर्घटना टल सकती थी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल पर तत्काल रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
