उभांव पुलिस द्वारा पटाका दुकान लगाने के लिए पैसे लेने की बात कहने और पत्रकार को हड़काने के वायरल वीडियो की जांच करेंगे सीओ रसड़ा

बिल्थरारोड। उभांव पुलिस द्वारा अस्थायी लाइसेंस बनवाकर दीपावली में पटाका बेचने वाले दुकानदार से अवैध रूप से पैसा वसूलने के बाद भी हल्का नम्बर 4 के सिपाही राहुल द्वारा पुनः पैसा मांगने व एक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार पूर्वक बात करने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सीओ रसड़ा को जांच का आदेश दिए है। सिपाही से पैसा मांगने की बात पूछने पर पत्रकार को हड़काने का ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमे पैसा मांगने की बात जब एक पत्रकार द्वारा कहा गया तो सिपाही का कहना है कि गुंडई मत करो तुमसे क्या मतलब है हम दुबारा पैसा लेंगे। इस आडियो के बाद एक बार फिर उभांव पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगने लगा है। जिससे उभांव पुलिस से लोगो को न्याय मिलने की उम्मीद नही दिख रही है।मामले की जांच सीओ रसड़ा को मिलने पर देखना है कि जांच में क्या भूमिका हो रही है। एक सप्ताह पूर्व में पतनारी गांव निवासी एक महिला को पटीदारों द्वारा जमीन कब्जा करने और मारने – पीटने के बाद न्याय की उम्मीद में उभांव थाना पहुँची महिला को उभांव थानाध्यक्ष द्वारा तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज करने के बजाय उल्टे महिला को डांटकर भगा दिया गया। जिससे महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। उभांव पुलिस की कार्यशैली को लेकर पत्रकारों ने एक बैठक कर इस घटना की निंदा किया। कहा कि थानाध्यक्ष ऐसे है कि उनको पत्रकारों द्वारा हर रोज बताना पड़ता है कि हम पत्रकार है। पत्रकारों ने कहा कि अगर पारदर्शी जांच नही होगा तो हम लोग आगे की रणनीति के बारे में सोचने को बाध्य होंगे।
