लोकसभा का यह महासमर 144 बनाम 144 करोड़ के बीच – रामगोविंद चौधरी

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि लोकसभा के इस चुनाव में एक तरफ वे लोग हैं जिनका लक्ष्य अम्बानी, अडानी समेत अधिकतम 144 धनपतियों का भला करना और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट करना है। जिन्हें सबको न्याय देने वाले संविधान की जगह केवल 144 धनपतियों के हितों की सुरक्षा करने वाला संविधान स्थापित करना है। दूसरी तरफ वे लोग हैं जो देश के 144 करोड़ लोगों के भले के लिए सोचते हैं, जो लोकतन्त्र में विश्वास करते हैं और जो मानते हैं कि भारतीय संविधान से छेड़छाड़ आजाद भारत के सपनों से छेड़छाड़ है। उन्होंने कहा है कि इस महासमर में हम समाजवादी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में 144 करोड़ लोगों के हित के साथ हैं।
बुधवार को अपने लखनऊ आवास पर देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि केवल 144 धनपतियों के लिए काम कर रही यह मोदी सरकार फिर लौटी तो उस संविधान को ही रौंद देगी जिसकी वजह से 144 करोड़ के हित का भी सवाल जेरे बहस हो जाता है, जिसकी वजह से सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इस वापसी के लिए मोदी सरकार हर वह कुकर्म करेगी जो नहीं करना चाहिए।
सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि चण्डीगढ़ में सरकार ने जो कुकर्म गिनती में कराया, वह कुकर्म इस महासमर में नामांकन और चिन्ह आवंटन से ही शुरू हो जाएगा। इसे लेकर व्यापक रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश की अस्सी सीटों से जाता है। हम सभी समाजवादी साथी मिलकर 144 धनपतियों को के इस रथ को पकड़ लें। यह पकड़ ही देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को सच्ची श्रद्धांजलि है।
