स्वदेशी को बढ़ावा देने की अनूठी पहल: सेंट जेवियर्स स्कूल में सजी कुम्हार की दुकान, बच्चों ने खरीदे 5 हजार मिट्टी के दीये और खिलौने
बिल्थरा रोड (बलिया)। स्वदेशी अपनाने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सेंट जेवियर्स स्कूल, पिपरौली बड़ागांव ने एक बेहद सराहनीय पहल की। विद्यालय परिसर में स्थानीय कुम्हार की दुकान लगवाई गई, जहां बच्चों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ मिट्टी से बने पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी की।





इस आयोजन की खास बात यह रही कि बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय के अन्य कर्मचारियों ने मिलकर लगभग 5,000 मिट्टी के दीपक (दीये) खरीदे। इसके साथ ही बच्चों ने मिट्टी की गुल्लक, खिलौने और अन्य आकर्षक वस्तुओं की भी खरीदारी कर कुम्हार भाई का उत्साह बढ़ाया। बच्चों के बीच मिट्टी के उत्पादों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
कोई अपनी पसंद की मिट्टी की गुल्लक खरीद रहा था तो कोई रंग-बिरंगे खिलौनों और दीपकों को देखकर उत्साहित था। विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी खरीदारी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पहल से स्थानीय कुम्हार को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ ही उसके पारंपरिक हुनर को भी सम्मान मिला।
आज के आधुनिक दौर में जहां बाजार में चाइनीज लाइटों और प्लास्टिक से बने उत्पादों का चलन बढ़ रहा है, वहीं मिट्टी के दीयों को अपनाने की यह पहल भारतीय परंपरा, संस्कृति और स्वदेशी भावना को मजबूत करने वाला संदेश देती है।
इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को यह भी सीखने का अवसर मिला कि त्योहारों की असली खूबसूरती अपनी मिट्टी, अपनी परंपरा और अपने स्थानीय कारीगरों के सम्मान में छिपी है।
सेंट जेवियर्स स्कूल की यह पहल केवल खरीदारी का आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों के सम्मान और स्वदेशी अपनाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई। बच्चों के उत्साह ने यह साबित किया कि यदि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ा जाए तो स्वदेशी की भावना को और मजबूत बनाया जा सकता है।
