सोना खरीदने-बेचने पर कानून नहीं, व्यापारी बने पुलिस के लिए आसान निशाना !

बिल्थरारोड सहित आसपास के कस्बों में सोना-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आए दिन कोई न कोई ग्राहक पुराना सोना या आभूषण लेकर दुकान पर पहुंचता है और बेचने की कोशिश करता है। ऐसे में सोना कारोबारी यह कैसे पता लगाएं कि ग्राहक द्वारा बेचा जा रहा सामान चोरी का है या फिर सही तरीके से परिवार से लाया गया है।
व्यापारियों का कहना है कि इस मामले में कोई स्पष्ट कानून या प्रक्रिया नहीं बनी है, जिससे उन्हें राहत मिल सके। उल्टा, अगर किसी आभूषण को लेकर बाद में चोरी की शिकायत आ जाती है तो सबसे पहले पुलिस दुकानदारों को उठाकर पूछताछ के नाम पर घंटों थाने बैठा देती है। व्यापारी बताते हैं कि कई बार पुलिस इन्हीं मामलों में ‘सेटिंग’ करके मोटी रकम लेकर छोड़ देती है।
स्थानीय सर्राफा व्यवसायियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में दुकानदारों को सुरक्षा दी जाए और सोना बेचने वालों के लिए वैध पहचान पत्र व रसीद अनिवार्य की जाए। ताकि असली और नकली ग्राहक में फर्क किया जा सके और कोई निर्दोष दुकानदार पुलिसिया कार्रवाई का शिकार न बने।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस नियमावली नहीं बनी तो आंदोलन कर प्रशासन का घेराव किया जाएगा।
