भागलपुर पुल से युवक ने सरयू में लगाई छलांग, तलाश जारी; पीछे-पीछे पहुंचे परिजन, नहीं बचा सके



पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट से नाराज था 11वीं का छात्र, शुक्रवार को छमाही परीक्षा देने भी नहीं गया था
भागलपुर (देवरिया)। भागलपुर पुल पर शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के पनिका गांव निवासी करीब 17 वर्षीय सेराज मोहम्मद ने सरयू नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद से युवक लापता है और उसकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि वह पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट से नाराज चल रहा था।
जानकारी के अनुसार, सेराज मोहम्मद पुत्र गफार मोहम्मद चार भाइयों में सबसे छोटा है। वह मईल क्षेत्र के एक विद्यालय में कक्षा 11वीं का छात्र था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को हुई छमाही परीक्षा में भी वह शामिल नहीं हुआ था। पिछले करीब दस दिनों से वह किसी न किसी बात को लेकर घरवालों से उलझ रहा था। परिजन उसे समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वह नाराज चल रहा था।
शनिवार दोपहर वह मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र के मानीपुर असना निवासी अपने रिश्तेदार साहिल (18) पुत्र बजारी के साथ मोटरसाइकिल से भागलपुर पुल पहुंचा। मोटरसाइकिल खड़ी करने के बाद सेराज ने अचानक पुल से नदी में छलांग लगा दी। यह देखकर उसके साथ मौजूद साहिल घबरा गया। बाद में लोगों ने उसे बेल्थरारोड के एक अस्पताल में भर्ती कराया।
बताया जा रहा है कि परिजन उसे समझाने के लिए पीछे-पीछे भागलपुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान उन्हें सेराज के नदी में कूदने की सूचना मिली। घटना की खबर सुनते ही उसकी मां मैरून निशा, भाई शेरू और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी शोक और बेचैनी का माहौल है। सूचना पर उभांव थानाध्यक्ष अनिल कुमार उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। समाचार लिखे जाने तक युवक की तलाश जारी थी।
शानदार कद-काठी और कुश्ती का शौक, गांव में अपनी अलग पहचान रखता था सेराज
सेराज की इस घटना ने पनिका गांव के लोगों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, वह मजबूत कद-काठी का था और पढ़ाई में भी तेज माना जाता था। उसे कुश्ती का काफी शौक था। गांव-मोहल्ले में होने वाली कुश्ती प्रतियोगिताओं में उसकी अच्छी पहचान थी और दोस्त उसे कुश्ती का बेताज बादशाह कहते थे।
चार भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण वह परिवार का लाडला था। उसके दो बड़े भाई रोजगार के सिलसिले में दुबई में रहते हैं, जबकि वह घर पर अपने भाई शेरू और माता-पिता के साथ रहता था। पिता गफार मोहम्मद चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर आगे बढ़े। हालांकि, पढ़ाई को लेकर परिवार में चल रही नाराजगी के बीच उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
घटना की जानकारी मिलने पर विद्यालय के निदेशक और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
भागलपुर पुल पर सुरक्षा के इंतजाम कब होंगे? आश्वासन के बाद भी नहीं लगी जाली
भागलपुर पुल पर लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर जाली लगाने की मांग पहले भी उठ चुकी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से निरीक्षण के दौरान सुरक्षा इंतजाम कराने के आश्वासन दिए जाने की बात भी कही जा रही है, लेकिन लोगों के मुताबिक अब तक अपेक्षित व्यवस्था नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर कितनी घटनाओं के बाद जिम्मेदार अधिकारी ठोस कदम उठाएंगे? लोगों ने पुल के दोनों ओर मजबूत सुरक्षा जाली और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
फिलहाल, सेराज की तलाश जारी है। इस घटना ने एक बार फिर भागलपुर पुल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
