बेल्थरारोड तहसील में ग्राम न्यायालय की स्थापना के लिए वकीलों ने नायब तहसीलदार दीपक सिंह को पत्रक दिया। तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा।

बिल्थरारोड । तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन ने ग्राम न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर न्यायिक कार्य से विरत होकर तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी बेमियादी धरना प्रदर्शन जारी रहा । ग्राम न्यायालय को शीघ्र शुरू कराने के लिए वकीलों ने राणाप्रताप सिंह के नेतृत्व नायब तहसीलदार दीपक सिंह को पत्रक दिया। धरना स्थल पर आयोजित सभा में अधिवक्ताओं ने निर्णायक संघर्ष का शंखनाद करते हुए न्यायालय स्थापना हो जाने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया। सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष सरफराज अहमद ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ता व त्वरित न्याय सुलभ कराने के लिए बिल्थरारोड में ग्राम न्यायालय की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की, जो अत्यंत सराहनीय है। ग्राम न्यायालय के लिए तहसील के ऊपरी तल पर कक्ष आदि का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन आश्चर्य है कि दीवानी न्यायालय बलिया के अधिवक्ताओं द्वारा इसका अनावश्यक रूप से विरोध किया जा रहा है। इस तहसील क्षेत्र से 60 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करते यहां के लोग न्यायालय संबंधी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय जाते हैं। ऐसे में बिल्थरारोड में ग्राम न्यायालय की स्थापना जनहित में सर्वथा उचित है। उन्होंने ग्राम न्यायालय स्थापना को लेकर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं के विरोध को गलत ठहराते हुए इसकी निंदा की। साथ ही न्यायालय स्थापना की मांग पूरी होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया। इस मौके पर अमानुलहक अब्बासी, देवेन्द्र गुप्ता, सविता पटेल, राशिद कमाल पाशा, महेंद्र यादव,अरूण श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह, अनिल यादव, अतुल प्रकाश यादव, लक्ष्मीनारायण मिश्र, अहमद रजा ,राशिद कमाल पासा, सूर्यनाथ यादव, दिनेश राजभर, त्रिभुवन, मुहम्मद अजहर , चन्द्रमणि, अमल श्रीवास्तव, अनिल यादव आदि एडवोकेट मौजूद रहे।
