बिल्थरारोड में होटल-लॉजों का धंधा बेखौफ, रजिस्ट्रेशन के नाम पर खानापूरी!

सांकेतिक फोटो



बिल्थरारोड (बलिया)।
जिले में कुछ दिनों पहले एक होटल में युवक-युवती द्वारा आत्महत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया  था। इस सनसनीखेज घटना के बाद अब होटल, लॉज, धर्मशाला और मैरिज हॉल की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा का विषय यह है कि आखिर किसकी शह पर बिल्थरारोड में दर्जनों होटल और लॉज अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं?

सूत्रों के अनुसार बिल्थरारोड क्षेत्र में महज तीन होटल ही  पंजीकृत हैं, जबकि दर्जनों होटल, लॉज और धर्मशालाएं बिना किसी कानूनी अनुमति के धड़ल्ले से चल रही हैं। इन स्थानों पर युवाओं की बेरोकटोक आवाजाही बनी रहती है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस पर आंख मूंदे हुए हैं।

सराय एक्ट और अन्य नियमों के अनुसार:


किसी भी होटल, लॉज या मैरिज हॉल को संचालित करने के लिए न केवल रजिस्ट्रेशन, बल्कि कई विभागों से अनिवार्य अनुमति पत्र (NOC) लेने होते हैं। इनमें पुलिस, ट्रैफिक, अग्निशमन विभाग, विद्युत सुरक्षा, पीडब्लूडी, नगर निकाय, तहसील राजस्व विभाग, लेबर विभाग और जीएसटी रजिस्ट्रेशन शामिल है। साथ ही भवन का स्वीकृत नक्शा भी अनिवार्य है।

लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश संचालक इन कानूनी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर प्रशासन की मिलीभगत से कारोबार कर रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते सख्ती नहीं बरतेगा, तो ऐसी घटनाएं आम हो जाएंगी। होटल और लॉज जैसे संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच और निगरानी जरूरी है, ताकि कोई और जान जोखिम में न पड़े।

अब ज़रूरत है कार्रवाई की, नहीं तो बिल्थरारोड की छवि हो जाएगी धूमिल।

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