बिल्थरारोड में बिजली विभाग की पोल खुली भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनता की पीड़ा!
बिल्थरारोड/
बलिया जनपद से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित नगर पंचायत बिल्थरारोड आज बिजली विभाग की मनमानी और भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल बन चुका है। यहां बिजली आपूर्ति की स्थिति इतनी बदहाल है कि इसे प्रदेश में सबसे दयनीय कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
पिछले 10 घंटे से बिजली गायब है, लेकिन विभाग के अधिकारियों के पास जनता को कोई ठोस जवाब नहीं। फाल्ट, गिरते तार, ट्रिपिंग और मरम्मत में ढिलाई यहां रोजमर्रा की कहानी है। अधिकारी हर बार वही रटी-रटाई पंक्ति दोहराते हैं—”तार गिरा है, फाल्ट है, बन रहा है, थोड़ी देर में आ जाएगा”—लेकिन यह “थोड़ी देर” कभी-कभी पूरा दिन निगल जाती है।
हैरानी की बात है कि चोरी पकड़ने और जुर्माना वसूलने में विभाग के कर्मचारी बिजली की रफ्तार से दौड़ते हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं को लगातार और निर्बाध बिजली देने में घोर नाकाम हैं। लोगों का आरोप है कि भ्रष्टाचार की जड़ें विभाग में इतनी गहरी हैं कि सुधार की गुंजाइश ही खत्म हो गई है।
योगी सरकार के निष्पक्ष कार्य और सुविधा देने के दावे बिल्थरारोड में पूरी तरह धराशायी हैं। यहां की जनता अब थककर सवाल कर रही है—क्या हमारी तकलीफ सुनने वाला कोई है, या फिर बिजली विभाग के खेल यूं ही जारी रहेंगे?

