बिल्थरारोड पहुंची दिग्विजय रथ यात्रा


बिल्थरारोड। भारत वर्ष में धर्म की स्थापना व हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना को लेकर किष्किन्धा से निकली रथयात्रा का बेल्थरारोड में रविवार को पहुँचते ही लोगो ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। रथयात्रा की अगुवाई करने वाले शंकराचार्य परिषद व ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि हर हालत में सरकार को 2029 तक इस संविधान को निरस्त करना पड़ेगा तथा हिन्दू राष्ट्र घोषित कराकर हिन्दू राष्ट्र का संविधान लागू करना पड़ेगा। किष्किंधा से निकली दिग्विजय रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया दिग्विजय यात्रा पर आसीन विभिन्न देवी-देवताओं का लोगों ने पूजन अर्चन किया शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद स्वरूप ने कहा कि रथयात्रा का मुद्दा भारत में धर्म की स्थापना व राष्ट्र हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करना है उन्होंने कहा कि 2019 तक तो इस संविधान को निरस्त करना पड़ेगा तथा भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कराकर हिंदू राष्ट्र का संविधान लागू करना पड़ेगा।कहा कि यह रथयात्रा उस दौर में निकल रही है जब रामचरित मानस को लखनऊ के चौराहे पर जलाया गया। कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या जैसा दुर्बुद्धि व्यक्ति जिस प्रकार रामचरित मानस व अनान्य धर्म ग्रंथों, हिंदू धर्माचार्यों, हिन्दुओं के उपर प्रश्न उठाने का कार्य कर रहे हैं। मैं कहता हूं मुट्ठीभर इस्लामिक लोगों को खुश करने के लिए वोट की राजनीति करना होगा नहीं तो हनुमानजी महाराज का गदा अब चला है। कर्नाटक से लेकर सारे विधर्मियों का नाश हो इस लक्ष्य के साथ यह रथयात्रा बेल्थरारोड पहुंची है। हम यह प्रयास कर रहे हैं कि यह रथयात्रा यह संदेश दे कि यह राम की भूमि है, कृष्ण की भूमि है। कहा कि 1947 में इस्लामिक बंटवारे के बाद यह भूमि पूरी तरह हिन्दुओं की होनी चाहिए तथा यह राष्ट्र हिन्दुओं का होना चाहिए। इस मौके पर अशोक मधुर, सूबेदार भाई, राजकुमार रिंकू ,धन्नू सोनी, राघवेन्द्र आदि उपस्थित रहे।
