अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा विशाल चित्र मंदिर चकियां मार्ग !


बलिया का बेल्थरारोड-चकिया मार्ग पिछले 12 वर्षों से पूरी तरह जर्जर है, लेकिन शासन और प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं गया है। ग्रामीण सुरेंद्र कुमार कहते हैं, “सड़क बने 17 साल हो गए हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।”
सेवानिवृत्त फौजी योगेंद्र कुमार ने कहा, “यह सड़क वर्षों से बदहाल है और रोजाना दुर्घटनाएं होती रहती हैं। फिर भी किसी का ध्यान इस पर नहीं है।” आटो चालक सुरेश कुमार राजभर ने बताया कि वह बच्चों को स्कूल ले जाते हैं, और हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। गौरव वर्मा ने कहा कि इस सड़क से गर्भवती महिलाओं को ले जाना भी खतरनाक हो गया है।
परशुराम जानकी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य जय प्रकाश गिरी ने बताया कि वह पिछले तीन साल से यहां हैं और सड़क की खराब स्थिति के चलते कई बच्चे घायल हो चुके हैं। उन्होंने पूर्व सांसद से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
चकिया गांव के ग्राम प्रधान विजय राजभर ने कहा कि उन्होंने पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा, वर्तमान विधायक हंसू राम और पूर्व सांसद सकलदीप राजभर के साथ-साथ शासन को भी सड़क की स्थिति के बारे में अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वर्तमान सांसद रमाशंकर राजभर को भी इस समस्या के बारे में बताया गया है।
उपजिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
इस समस्या के संदर्भ में उपजिलाधिकारी बेल्थरारोड निशांत उपाध्याय ने कहा, “मैं इस मुद्दे को लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से बात करूंगा और जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाऊंगा।”
