सलेमपुर सांसद द्वारा तुर्तीपार – भागलपुर पुल के घाघरा नदी पर जीवन रक्षक जाली लगाने का आश्वासन एक साल बाद भी अधूरा

बिल्थरारोड। बलिया जिले की सरहद तुर्तीपार से देवरिया जिले की सरहद भागलपुर को जोड़ना वाला घाघरा नदी पर बना पुल इनदिनों आत्महत्या करने वालो का हब बन गया है। गुरुवार को भी एक युवक विशाल कुमार पुत्र रामाश्रय राजभर निवासी लखनौर थाना रामपुर ,जनपद मऊ ने पुल से नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन इहलीला समाप्त कर लिया। पुलिस को इसकी पहचान पुल पर पड़े बैग में रखे आधार कार्ड से हुआ। परिजनों को सूचना देते हुए उभांव पुलिस एनडीआरएफ की मदद से युवक के शव की तलाश कर रही है। शुक्रवार को भी तलाश जारी रहा। दोपहर तक पता नही चल सका था।ज्ञात हो कि सांसदीय चुनाव से पहले सलेमपुर लोकसभा से सपा प्रत्याशी रमाशंकर राजभर ने जनता को वादा किया था कि चुनाव जीतने के तुरन्त बाद घाघरा नदी के पुल पर जीवन रक्षक जाली लगायेगे। जिससे आयेदिन हो रही आत्महत्या की घटनाओं निजात मिल सकेगा। किन्तु सांसद बनने के एक वर्ष बाद भी क्षेत्र की जनता को नदी पर जीवन रक्षक जाली लगाने का दिया गया वादा खोखला ही साबित है। एक वर्ष में आधा दर्जन से ऊपर युवक/ युवतियां घाघरा नदी के तुर्तीपार- भागलपुर पुल से छलांग लगाकर जान दे चुके हैं। क्षेत्रीय लोगो ने घाघरा नदी के पुल पर जनप्रतिनिधि व प्रशासन से शीघ्र जीवन रक्षक जाली लगाने की मांग किया है। जिससे आत्महत्या जैसी घटनाओं से निजात मिल सके।
