राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने संघ के स्थापना दिवस पर निकाला पथ संचलन



बिल्थरारोड। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 97वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को जीएमएएम इंटर कॉलेज के मैदान से आरएसएस के विभिन्न शाखाओं द्वारा पथ संचलन निकाला गया। जो विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ होकर रेलवे चौराहा, यूनाइटेड क्लब, चरण सिंह त्रिमुहानी, बस स्टेशन आदि विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर गंतव्य पर समाप्त हुआ। इसके पूर्व बौद्धिक सत्र में गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक सुभाष जी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में भारतीय धर्म व संस्कृति की विस्तृत विवेचना की। उन्होंने देश की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने देश की संस्कृति को बिगाड़ने का पूरा प्रयास किया। चैत्र प्रतिपदा को भारत में नव वर्ष शुरू होता है, जबकि अंग्रेजों ने जनवरी को साल का पहला महीना बनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय मनीषियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता से काल गणना कर समय चक्र का निर्धारण किया, किंतु विदेशियों ने देश की बौद्धिक व सांस्कृतिक विरासत को मिटाने का कुत्सित प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भारत वीरों की धरती है। आर्यों का प्रादुर्भाव भारत में ही हुआ और भारत सारे विश्व को सुसंस्कृत आर्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। पथ संचलन में ध्वज वाहिनी घोष और घोष दंड शामिल रहे, जिसमें पूर्ण गणवेश में आरएसएस के स्वयंसेवक बैंड बाजा के साथ कदमताल मिलाते हुए हाथों में दंड लिए चल रहे थे। पथ संचलन में मुख्य रूप से जिला प्रचारक अनुज जी, नगर प्रचारक नवीन जी, पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया, भाजपा नेता पूर्व मंत्री छटठू राम, निवर्तमान चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त, देवनंदन भारती, आलोक गुप्ता,विनय सिंह, सतीश जी, अमित सिंह,अमित जायसवाल, वेदप्रकाश सिंह आदि शामिल रहे।

