दर-दर की ठोकरें खा रहा परिवार, रोज़गार का सहारा सिर्फ़ ठेला… न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के चक्कर️ !
बिल्थरारोड क्षेत्र में एक परिवार अपनी मूल भूमि पर हो रहे कथित विवाद और दबंगई से इतना परेशान है कि अब वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। पीड़ित परिवार ठेले पर छोला-फूलकी बेचकर अपनी जीविका चलाता है, लेकिन लगातार बढ़ते तनाव और विवाद के कारण परिवार का जीवन जीना दूभर हो चुका है।

पीड़िता अर्चना देवी पत्नी भगवती प्रसाद, निवासी नगर पंचायत बिल्थरारोड वार्ड–8, ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी पैतृक भूमि मौज़ा बीबीपुर में स्थित है। इस भूमि पर पड़ोसी पक्ष द्वारा रास्ता विवाद के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है और जबरन कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़िता के अनुसार विक्रेता की ओर से दिखाए गए रास्ते और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर है। इस कारण आए दिन विवाद की स्थिति पैदा होती है। परिवार का आरोप है कि विपक्षी पक्ष दबंगई दिखाते हुए भूमि पर कब्जे का प्रयास कर रहा है, जबकि परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर है और अपना गुज़ारा केवल ठेले पर छोला, फूलकी बेचकर करता है।
पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि विवादित भूमि की पैमाइश कराई जाए, वास्तविक सीमा तय की जाए तथा दबंगों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न से सुरक्षा दिलाई जाए।
परिवार ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि न्याय न मिलने के कारण अब वह दर-दर भटक रहा है और अपनी जीविका तक प्रभावित हो रही है।
