सपा के सच्चे सिपाही और खाटी समाजवादी नेता है राम गोविंद चौधरी!


उत्तर प्रदेश के बागी बलिया जिले की छात्र राजनीति से निकलकर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले कश्मीर से कन्याकुमारी तक पैदल यात्रा, बलिया से दिल्ली तक पैदल यात्रा एवं बलिया के एक-एक गांव में पैदल यात्रा कर सामाजिक पृष्ठभूमि में गहरी छाप छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश की विधानसभा में आठ बार के विधायक और तीन बार कैबिनेट मंत्री के साथ साथ नेता विरोधी दल का दायित्व संभाल चुके उत्तर प्रदेश में 1977 से लेकर आज तक राजनीति से जुड़ा हर वह व्यक्ति चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल का हो राम गोविंद चौधरी का नाम बड़े ही अदब और सम्मान से ईमानदारी की मिसाल देते हुए लेता है क्योंकि राम गोविंद चौधरी ने सदैव समाज के पिछड़े, शोषित, वंचित, नौजवानों, किसानों मजदूर एवं महिलाओं के हक को उत्तर प्रदेश की बात विधानसभा से लेकर सड़क तक बड़ी बेबाकी से रखते थे नेता विरोधी दल रहते समय सत्ता पक्ष के विधायक भी उनको सुनने के लिए विधानसभा में घंटो इंतजार करते थे और कहते थे कि आज चौधरी साहब से बहुत कुछ सीखने को मिला उत्तर प्रदेश में नेताजी के नाम से विख्यात मुलायम सिंह यादव जब पहली बार मुख्यमंत्री बनने के लिए विधायकों से समर्थन जुटा रहे थे तब पूर्वांचल में सजातीय विधायकों ने पूर्वांचल के ही किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने के लिए लामबंदी की थी सूत्र बताते हैं उस समय भी राम गोविंद चौधरी ने चंद्रशेखर के कहने पर पूर्वांचल के यादव समाज के विधायकों के घर-घर जाकर नेताजी मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एडी से चोटी तक का जोर लगा दिया था जब पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बीमारी की हालत में अस्पताल में थे तो नेताजी ने अस्पताल जाकर उनका हाल-चाल लिया और कहा कि आप मेरी एक मदद कर दीजिए और राम गोविंद चौधरी को समाजवादी पार्टी में दे दीजिए इनकी पूरे उत्तर प्रदेश में एक अलग छाप है यह बडे़ अनुभवी समाजवादी नेता है इनकी समाजवादी पार्टी में बहुत जरूरत है वहां मौजूद लोग बताते हैं कि चंद्रशेखर जी ने कुछ देर सोचने के बाद राम गोविंद चौधरी का हाथ पड़कर मुलायम सिंह जी के हाथ में रख दिया और कहा कि तुमने मेरी बहुत सेवा की है मेरे साथ रहकर बहुत आंदोलन किए हैं अब मुलायम सिंह के साथ रहकर उत्तर प्रदेश का विकास करो तब से लेकर आज तक राम गोविंद चौधरी ने समाजवादी पार्टी को लगातार आगे बढ़ाने के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर तन मन धन से मेहनत कर रहे हैं राम गोविंद चौधरी के करीबी लोग बताते हैं कि समाजवादी पार्टी ने विषम परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में जहां-जहां इनको लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद, जिला पंचायत चुनाव का प्रभारी बनाया तो राम गोविंद चौधरी ने अपनी कुशल रणनीति, सामाजिक, छात्र संघ और व्यक्ति का संबंधों के बल पर उन सभी चुनावों को जीतकर समाजवादी पार्टी की झोली में सौंप दिया वर्ष 2016 में जब समाजवादी पार्टी में अंदर खाने में असमंजस की स्थिति थी तब भी राम गोविंद चौधरी ने लखनऊ में रहकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जी के समर्थन में साइकिल चुनाव निशान पाने के लिए सपा विधायकों और बडें नेताओं की बैठकें कर सलाह मसविरा कर रणनीति बनायी थी इसके बाद समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे अभी हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य, के. के. गौतम, पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति, सलीम शेरवानी के पार्टी संगठन से इस्तीफा देने की सूचना मिलने पर उन्होंने बलिया से ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर इन नेताओं का इस्तीफा स्वीकार न कर पार्टी को और आगे मजबूत करने के लिए अनुरोध किया था उसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने वाले नेताओं से वार्ता कर पार्टी न छोड़ने के लिए अपील की थी जिसमें से बृजेश प्रजापति और सलीम शेरवानी ने राम गोविंद चौधरी की बात मानते हुए अभी पार्टी नहीं छोड़ी है जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी है समाजवादी पार्टी में वापसी के लिए लगातार उनसे वार्ता का क्रम जारी है। राज्यसभा के चुनाव में भाजपा द्वारा अधिक प्रत्याशी का नामांकन करा देने से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को जिताने के लिए उन्होंने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मौजूद वरिष्ठ नेताओं एवं विधायकों से मुलाकात कर किसी भी हाल में पार्टी प्रत्याशी को जिताने की अपील कर रहे हैं हालांकि पिछला विधानसभा चुनाव वो कुछ साजिशों के चलते पराजित हो गए थे लेकिन आज भी उनकी लोकप्रियता पूरे उत्तर प्रदेश में जग जाहिर है लोगों का कहना है की इतना करमठ, ईमानदार, मृदुभाषी सत्य निष्ठ, और पार्टी में समर्पित राजनेता आज के जमाने में मिलन नाम मुमकिन है, एक पुराने समाजवादी नेता बताते हैं कि राम गोविंद चौधरी को नौजवानों छात्र नेताओं की पौध तैयार करने वाला संरक्षक का भी तगमा प्राप्त है उनके आवास पर राजनीति का ककहरा सीखने वाले नौजवानों की भीड़ हमेशा लगी रहती है और वह बड़ी बेबाकी से समाजवाद की परिभाषा, राम मनोहर लोहिया, जे पी के आंदोलन, जनेश्वर मिश्रा का त्याग, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी, चंद्रशेखर, चौधरी चरण सिंह, नेताजी मुलायम सिंह यादव के समय के हालात और राजनीति को बखूबी बता कर उनको समाज सेवा करने की सलाह देते हैं , राजनीतिक क्षेत्र के पुराने जानकार बताते हैं की वर्तमान समय की राजनीति में समाजवादी पार्टी को आगामी चुनाव जिताने के लिए राम गोविंद चौधरी कुशल रणनीतिकार, ईमानदार, जन सामान्य अनुभवी, व्यवहार कुशल नेता हैं

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