मातुजी महारानी मन्दिर पर चल रहे गायत्री महायज्ञ और संगीतमयी श्रीराम कथा के अंतिम दिन भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओ ने किया प्रसाद ग्रहण





बिल्थरारोड : क्षेत्र के चंदाडीह स्थित मातु जी महारानी के मन्दिर पर चल रहे संगीतमयी श्रीराम कथा में अमृत रसपान करने हेतु शुक्रवार को आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। कथा के अन्तिम दिन मानस मर्मज्ञ रामेश्वरानन्द जी ने राम राज्याभिषेक और हनुमान प्रेम के मार्मिक प्रसंग पर भावपूर्ण वर्णन किया। जिसे सुनकर भक्तगण भाव विभोर हो उठे। कथा के उपरान्त विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालु भक्तजनो ने प्रसाद ग्रहण किया।
राम राज्याभिषेक और हनुमान प्रेम के कथा का वर्णन करते हुए रामेश्वरानंद जी ने कहा कि राम , लक्ष्मण और सीता जी के चौदह वर्ष के वनवास के उपरान्त अयोध्या पहुँचने पर पूरे नगर में जगह जगह स्वागत किया गया और पुष्प वर्षा की गयी। इसके बाद राम को राज तिलक देकर अयोध्या का राजा बनाया गया। राज्याभिषेक होने पर पूरे नगर में उत्सव मनाया गया इस दौरान नगरवासियो को विभिन प्रकार के भोजन कराया गया। नगरवासियो के जयकारे से पूरा अयोध्या नगर गुंजयमान हो उठा। राम का राज्याभिषेक होने पर एक माला हनुमान के गले में पहनाया गया। हनुमान ने माले के एक एक पुष्प को तोड़ना शुरू कर दिया। जिसे देख अन्य लोग हनुमान से पूछने लगे कि ऐसा क्यों कर रहे है। तब हनुमान ने कहा कि इसमें हम राम- नाम खोज रहे है। इस नगर वासियो ने कहा कि राम नाम कहा है। हनुमान ने कहा कि हमारे दिल में है। हनुमान ने अपना सीना फाड़कर नगरवासियो को भगवान श्रीराम , लक्ष्मण और सीता जी का दर्शन कराया। हनुमान के इस प्रेम को देखकर नगरवासी धन्य हो गए। जिसे सुनकर श्रोतागण मन्त्र मुग्ध हो गए। इसके उपरान्त प्रसाद वितरण किया गया। तथा श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क शरबत पिलाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मन्दिर पुजारी आनन्द पाण्डेय, दिलीप तिवारी, अवधेश मिश्रा, सदानन्द मिश्र, रामप्यारे मिश्र, कृष्णानन्द मिश्र, दयाशंकर सिंह, अवनीश पाण्डेय, मोहन सिंह वर्मा, प्रवीण चौबे, अभय मिश्र, जयप्रकाश पाण्डेय, अमरेश यादव, अवनीश पाण्डेय, विनय मिश्र, लल्लन गुप्ता, जयप्रकाश मिश्र, विजेंद्र यादव, मोहन सिंह वर्मा, नीलेश गुप्ता,विनय वर्मा, नवल मद्धेशिया आदि का सहयोग सराहनीय रहा।
