खबर का असर पीड़ित किसान से घुस मांगने का वीडियो वायरल होने के मामले में घूसखोर चकबन्दी सीओ निलंबित

खबर का असर

बिल्थरारोड / तहसील क्षेत्र के खूंटा गांव निवासी जगदीश के भूमि विवाद के मामले में रिपोर्ट लगाने के नाम पर चकबंदी सीओ द्वारा एक लाख दस हजार रुपए रिश्वत मांगने और इसका विडियो वायरल होने के खबर प्रमुखता से प्रकाशित करने व मामले का मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उच्चस्तरीय जांच के बाद मंगलवार शाम को घूसखोर चकबन्दी सीओ उमाशंकर को निलंबित कर दिया गया। जिससे चकबन्दी विभाग हड़कम्प मच गया है। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह मामला आने के बाद बीते एक जून को एसडीएम राजेश गुप्ता की मौजूदगी में एसडीएम कार्यालय में एसओसी बंदोबस्त अधिकारी धनराज यादव ने लगभग पांच घंटे तक मामले की जांच की। आरोपी सीओ चकबंदी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत करने वाले जगदीश से भी अधिकारियो ने घंटों वार्ता की। जिसके बाद जांच रिपोर्ट तैयार किया गया। आपको बता दें कि वायरल विडियो में भ्रष्ट सीओ चकबंदी अधिकारी उमाशंकर अपने आवास पर पीड़ित को बुलाकर गंजी और हाफ पैंट में ही बैठा है। उसने पीड़ित से ही अंडा मंगवाया और फिर उनके मामले में मदद करने के लिए लाखों रुपए की व्यवस्था करने को कह रहे है। पीड़ित ने बताया कि उक्त मामले में वे चकबंदी अधिकारी से एक पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए एक लाख दस हजार रुपया में मामला तय किया। इसे लेकर पीड़ित ने दस हजार रुपया भी दे दिया था। पीड़ित ने वायरल विडियो और अन्य साक्ष्य के आधार पर पत्र भेजकर सीएम और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाया था। मामले को लेकर सीएम दरबार में भी पीड़ित ने गुहार लगाया। जिसके बाद जागे बलिया डीएम ने मामले में जांच रिपोर्ट देने के लिए टीम गठित किया गया। पीड़ित किसान जगदीश ने बताया कि चकबन्दी सीओ के द्वारा घुस मांगने के सम्बंध में पूछा गया जिसमें मेरे द्वारा लिखित व्यान दे दिया गया था। वायरल वीडियो और व्यान के जांच के आधार पर धुसखोर चकबन्दी सीओ को निलंबित कर दिया गया है। इससे चकबन्दी विभाग में हड़कंप मच गया है। चकबन्दी के एसीओ और लेखपाल भी किसानों का खेत इधर उधर कर , जमकर वसूली कर रहै है। इस पर भी शासन को ध्यान देना होगा। चकबन्दी सीओ के निलंबन के मामले में पीड़ित किसान जगदीश का कहना है कि इस करवाई पर हम योगी जी को धन्यवाद देते है कि एक गरीब किसान को न्याय मिला।

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