यूक्रेन में फंसे बलिया के छात्र जिसमें 3 छात्र बॉर्डर लांघ पहुंचे पोलैंड और स्लोवाकिया

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के वजह से दिक्कत हो गयी है विशेष तौर से उन भारतीयों की दिक्कत बढ़ गई है। जो यूक्रेन में पढ़ाई करने के लिए गए हैं। कई भारतीय स्टूडेंट यूक्रेन में फंसे हैं। बलिया जिले के भी 5 छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। हालांकि 5 में से 3 छात्र बार्डर पार कर यूक्रेन के अलग-अलग पड़ोसी मुल्कों में पहुंच चुके हैं। लेकिन अभी भी उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई है क्योंकि उनके भारत वापसी का इतंजाम नहीं हो पाया है। ऐसे में छात्रों के साथ उनके परिजन काफी ज्यादा परेशान हैं। व्हाट्सएप के जरिए बच्चों से बात हो रही है। लेकिन युद्ध से बिगड़ते हालातों के बीच उनकी चिंता बढ़ रही है।
यूक्रेन में फंसे जिले के 5 छात्रों में से 3 दोकटी थाना क्षेत्र रामपुर निवासी ऋषभ पांडेय रविवार को पोलैंड में दाखिल हो गए थे। सुखपुरा थाना क्षेत्र के आसन निवासी शिवम सिंह किसी प्रकार प्राइवेट बस से सोमवार को स्लोवाकिया की सीमा तक पहुंच गए। हालांकि उनके ग्रुप के करीब 2 दर्जन छात्रों को स्लोवाकिया की पुलिस बॉर्डर पर ही रोके रखी थी। शिवम ने बताया बड़ी मुश्किल वह यूक्रेन से बाहर निकले।
फिलहाल सभी छात्र स्लोवाकिया के एक होटल में मौजूद हैं। शिवम का कहना है, हम लोग फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार नगरा निवासी मनीष जायसवाल रोमानिया में तीन-चार दिनों से फंसे हुए हैं। वॉट्सऐप मैसेज के जरिए हुई बातचीत में मनीष ने बताया, वह बुखारेस्ट इंटरनेशन एयरपोर्ट के हॉस्टल में देश के करीब 20-22 छात्रों के साथ हैं। फिलहाल अब तक वहां से निकलने का इंतजाम नहीं हो सका है। ऐसे में उनकी परेशानी बढ़ गई है। युद्ध के हालातों के बीच स्टूडेंट्स बाहर नहीं निकल पा रहे हैं ऐसे में उनके परिजन लगातार भारत सरकार से छात्रों की वतन वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं।
