अधिवक्ताओं ने जिला जज से मुलाकात कर, बेल्थरारोड में शीघ्र ग्रामीण न्यायालय का संचालन शुरू करने की मांग की।

बिल्थरारोड । तहसील के अधिवक्ताओं ने जिला जज से मुलाकात कर, बेल्थरारोड में शीघ्र ग्रामीण न्यायालय का संचालन शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि ग्रामीण न्यायालय शुरू होने से वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सकेगा।बेल्थरारोड तहसील में ग्रामीण न्यायालय का भवन पहले से ही मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है। तहसील भवन के प्रथम तल पर इसे स्थापित किया गया है और जिला जज ने इसका मुआयना भी किया है। बावजूद इसके, इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। जबकि, बलिया जनपद की अन्य तहसीलों जैसे सिकंदरपुर और रसड़ा में ग्रामीण न्यायालय का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है। वकीलों का विरोध ग्रामीण न्यायालय की स्थापना में हो रही देरी से अधिवक्ता संघ नाराज हैं। इसी विरोध के स्वरूप, बेल्थरारोड के अधिवक्ता सप्ताह में एक दिन न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस विलंब के कारण वादकारियों को न्याय की प्राप्ति में कठिनाई हो रही है और उन्हें बलिया जनपद मुख्यालय जाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और खर्च दोनों की हानि होती है।बेल्थरारोड जिले के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण यहां के लोगों को जनपद न्यायालय जाने के लिए 65 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे वादकारियों को कठिनाई होती है, और सस्ता न्याय सुलभ नहीं हो पाता। यदि ग्रामीण न्यायालय का संचालन शीघ्र शुरू हो जाता है, तो स्थानीय लोगों को न्याय के लिए लंबे सफर से बचने में मदद मिल सकेगी।
ग्राम न्यायालय शुरू होने के मुद्दे पर जिला जज ने बताया कि ग्रामीण न्यायालय के संचालन के लिए ट्रेनिंग चल रही है, और जैसे ही ट्रेनिंग समाप्त होगी, अगले वित्तीय वर्ष में इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस मुलाकात में बेल्थरारोड तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष शौकत अली, पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद प्रजापति, अनामुल हक अब्बासी, मुनेश चंद वर्मा, राशिद कमाल पाशा और अहमद रजा सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।

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