नगरा पुलिस का कमाल चोरी के बाद बैंक कर्मचारी से मांगे जा रहे हैं चोरी हुए नोटों के नंबर और जेवर के कागजात !

बलिया।  क्षेत्र के गोठवा गांव में शुक्रवार की रात हुई बैंक मैनेजर के घर साढ़े छः लाख की चोरी के मामले में 36 घंटे बाद बहु पुलिस चोरों की सुरागकशी तो दूर घटना का मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है। उच्चाधिकारी नगरा पुलिस को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दे रहे है। लेकिन पुलिस अभी तक मुकदमा दर्ज न कर सकी। यही नही पुलिस अब पीड़ित से गहने और बर्तन की रसीद की मांग कर रही है। किसी दिन ऐसा भी होगा कि चोरी गए पैसे का सीरियल नम्बर भी मांग दे तो हैरान मत हो। चोरी का मुकदमा दर्ज न करने से पुलिस के कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नगरा थाना क्षेत्र के गोठवां निवासी नीलेश कुमार पाण्डेय बैंक ऑफ इंडिया में शाखा प्रबन्धक है। मई और माह जून में नीलेश और उनकी बहन की शादी तय है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। आभूषण, बर्तन व कपड़े आदि खरीदकर घर में रखे जा रहे थे। शुक्रवार की रात को किसी वक़्त चोर घर के दक्षिण तरफ स्थित कमरे की खिड़की को तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश कर गए और कमरे का दरवाजा अंदर से बन्द करके आलमारी का लॉक तोड़कर उसमे रखा साढ़े तीन लाख रुपए नगद, दो लाख रुपए के गहने तथा एक लाख रुपए के बर्तन व कपड़े लेकर चले गए। पीड़ित ने शनिवार की सुबह थाने पर पहुंचकर चोरी की तहरीर दी। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और परिजनों से चोरी की जानकारी ली लेकिन 36 घंटे बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं की है। पुलिस जांच के नाम पर पीड़ित से तरह तरह के कागजात मांग कर रही है जो कहीं न कहीं पीड़ित के लिए जुटाना मुश्किल हो सकता है क्योंकि अमूमन लोग बाजार से खरीददारी करने के बाद पक्के बिल न दुकानदार देना चाहते है और न ही ग्राहक उसे लेने में कोई रुचि दिखाते है। जाहिर है बिना पक्के बिल के किसी वस्तु की खरीददारी मान्य नहीं की जाती है। क्षेत्राधिकारी रसडा शिव नारायण वैश ने बताया कि  घटना की जांच जारी है ,अभी मुकदमा नहीं दर्ज है पीड़ित से गहने और बर्तन की रसीद मांगी गई है।

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